Kamukta Sex Kahani Archive

अपनी 19 साल की फूल जैसी भांजी को चोद चोदकर पेट से कर दिया

 मैं पिछले कई सालों से नॉन वेज स्टोरी का नियमित पाठक रहा हूँ और ऐसी कोई रात नही जाती तब मैं इसकी रसीली चुदाई कहानियाँ नही पढ़ता हूँ। आज मैं आपको अपनी स्टोरी सूना रहा हूँ। में

भाभी की रसीली बुर चोदने के चक्कर में मैं भैया से पिट गया

 मेरा नाम बिट्टू झा है। कुछ सालों पहले मेरे एक दोस्त ने मुझे इस वेबसाइट के बारे में बताया था, तब से मैं रोज यहाँ की मस्त मस्त कहानियां पढता हूँ और मजे लेता हूँ। मैं अपने

एक बोतल शराब और चखना के लिए अपनी बहन को दोस्त से चुदवाया

हेल्लो दोस्तों, मैं सागर आप सभी का sexkahani.net में बहुत बहुत स्वागत करता हूँ। मैं पिछले कई सालों से नॉन वेज स्टोरी का नियमित पाठक रहा हूँ और ऐसी कोई रात नही जाती तब मैं इसकी रसीली

पडोस के लड़के से तोड़वाई अपनी सील

हेल्लो दोस्तों, मेरा नाम अंकिता मिश्रा है। मै जौनपुर की रहने वाली हूँ। आज मै आप लोगो को अपने पड़ोस के लड़के के साथ चुदाई की कहानी सुनाने जा रही हूँ। मेरी उम्र 18 साल होगी। मै

ट्यूशन वाली भाभी को चोदा उसके घर

मैं ट्यूशन वाली भाभी को बहुत पसन्द करता था और उनको चोदना चाहता था और एक दिन meri sex stories की घटना में उनके घर में उनकी चूत की धक्कापेल चुदाई कर डाली.. नमस्कार मित्रों, मैं आपका

पडोस की सेक्सी भाभी की अन्तर्वासना

हैल्लो दोस्तों, में मयंक कोलकाता का रहना वाला हूँ और में आज आप सभी को अपनी एक सच्ची कहानी सुनाने जा रहा हूँ जिसमें मैंने अपनी पड़ोसन सेक्सी भाभी को बहुत मज़े लेकर चोदा। दोस्तों मेरे पड़ोस में

भाई का मोटा लौड़ा

आपको अपनी चुदाई की कहानी बताने जा रही हूँ। मेरा भाई जो मुझसे 2 साल छोटा है उसका नाम साहिल है। यह सब तब हुआ था जब मेरा ममेरा भाई हमारे घर पर आया था। यह वही

जीजा के भाई से चुदवाई

मैं रोशनी कानपूर की रहने वाली हूँ. मेरी उमर २१ साल, रंग गोरा, काले लंबे बॉल और बदन एक दम स्लिम है. मैं अपनी आप बीती बताने जा रही हूँ जो की मेरे साथ ३ साल पहले

एंटरटेनमेंट का एक अनोखा त्रिभुज

हैल्लो दोस्तों.. मेरा नाम अभिषेक और मेरी उम्र २६ साल है। दोस्तों मुझे मस्तराम और अन्तर्वासना-स्टोरी डॉट कॉम पर सेक्सी कहानियाँ पढ़ना बहुत अच्छा लगता है और में मस्ताराम डॉट नेट का बहुत बड़ा दीवाना हूँ और

आंटी की चूत में अंगुली डाल का चुदाई

मै अपने मम्मी पापा के साथ बस में जा रहा था कोई खास भीड़ तो नहीं थी, पर शाम की बस थी जो रात के दस साढ़े दस बजे। तक अहमदाबाद पहुंचा देती थी। नौकरीपेश लोगों की