मेरी पुरानी वाली मैडम की चुदाई



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दोस्तों आज मै अपनी सच्ची कहानी आप लोगो को बता रहा हूँ जब मैंने अपनी इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी कर ली थी और जॉब के लिए इधर उधर भटकता रहता था। अभी हाल ही में गेट का कट ऑफ भी पास नहीं कर पाया था, काफी परेशान था। घर में बेरोजगार बैठना ज़हर पीने जैसा होता है, ज़माने के ताने सुनो और घर के लोगों के भी ! लेकिन इस बार शायद किस्मत सही थी, मैं अपनी पुरानी टीचर सुनैना मैडम के घर गया और उनसे राय मांगी। सुनैना की उम्र ३२ साल, कद 5 फ़ुट ७ इंच के करीब.. काफी बड़े चूचे और काले सलवार कमीज़ में कमाल लग रही थी। मैं उन्हें अपने स्कूल टाइम से ही पसंद करता था, जब उनके यहाँ कोचिंग जाता था, तभी से उन्हें अपना बना लेने की ख्वाहिश थी.. उनकी अभी तक शादी नही हुई थी।

मैंने उनसे उनके काम के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा- सब सही चल रहा है। गर्मी का मौसम था तो उन्होंने मुझे जूस के लिए पूछा। मैंने हाँ कह दिया, वो जब उठी तो मैं उनके उभार देख कर पगला गया ! उन्होंने अंदर कुछ नहीं पहना था..मैं उनके पीछे गया और पूछा- बाथरूम कहाँ है? इसी बहाने अपने आप को संभाला और फ़िर बाहर आकर उनके साथ जूस पिया.. उन्होंने पूछा- अब क्या करोगे? मैंने कहा- देखिये मैडम, अभी तो यहीं कुछ भी जेब खर्चे के लिए करना है, उसके बाद तो मास्टर डिग्री करनी ही है.. उन्होंने कहा- ठीक है.. तो यहाँ क्या करोगे? वो बातें कर रही थी और मैं कमीना उनके बूब्स पर नज़र गड़ाए बैठा था ! मैंने कहा- बस किसी कॉलेज मैं कुछ लेक्चरर बनने की सोच रहा हूँ.. उन्हें शायद पता चल गया था कि मेरा ध्यान कहाँ है.. उन्होंने मुझसे मेरे बारे में और जानना चाहा.. मैं भी कमीना था ही, मैं उन्हें ओशो वगैरा का ज्ञान देने लगा.. और अचानक से उनके कपड़ों की तारीफ कर दी.. वो मुस्करा दी और उन्होंने मेरे कपड़ों को भी शानदार कहा। मैंने कहा- कहाँ मैडम ! मैं तो गरीब हूँ.. इतने ही अच्छे होते तो मेरी भी आज गर्लफ्रेंड होती.. आज तक किसी लड़की को छुआ भी नहीं है.. मैडम ने मुस्करा कर कहा- चल ! झूठ बोल रहा है.. मैंने कहा- नहीं मैडम.. सच कह रहा हूँ | उन्होंने सहानभूति के साथ देखा और मेरे कंधे पर हाथ रख कर पूछा- ऐसा क्यूँ..? अब उनके चुच्चे और साफ़ दिखाई दे रहे थे, मेरा लंड भी काबू में नहीं आ रहा था ! मैंने कह दिया- मैडम सॉरी !

बुरा नहीं मानियेगा, मैं जबसे आपकी कोचिंग में आ रहा था तब से सिर्फ आप ही के बारे में सोचता था.. ना जाने क्यूँ पर आपको जान कर शायद हैरानी होगी कि आपके बारे में सोच कर ना जाने कैसे कैसे अपने आपको शांत करता हूँ। उन्होंने ठहाका मारते हुए कहा- तुम मजाक भी तक करते हो जगन.. और वो ‘कुछ खाने के लिए लाती हूँ।’ कह कर चली गई.. मैंने सोचा भी कि यह मैं क्या कर रहा हूँ, मैडम है मेरी, ऐसा नहीं करना चाहिए मुझे। वो जब आई तब उनके बाल खुले थे और मुझे कहा- अभी काम बढ़ जाने के कारण काफी थकान हो जाती है जगन.. मुझे लगा कि चलो उन्हें मेरी बात बुरी नहीं लगी। उन्होंने कहा- ज़रा यह तेल मेरे सर पर लगा दोगे? अगर तुम्हें ठीक लगे तो ! मैंने हाँ में सर हिलाते हुए बोतल उठाई और चालू हो गया… अब मैं उनके बूब्स आसानी से देख रहा था। आप यह कहानी मस्ताराम.नेट पर पढ़ रहे है | उन्होंने कहा- वाह जगन, तुम्हारे हाथ में तो जादू है..मैंने मुस्कुराते हुए कहा- नहीं मैडम, बस इन्टरनेट पर देखा था कि कैसे मालिश करते हैं.. उन्होंने कहा- अच्छा, तो तुम्हें मालिश करनी आती है.. तो ज़रा गर्दन पर भी तेल लगा देना.. मैंने मौका पकड़ लिया था मुझे समझ में आ गया था की सुनैना मैडम को कोई ऐतराज़ नहीं होगा.. तो धीरे धीरे उनकी गर्दन से कंधे तक आ गया.. अब मेरा हाथ उनके कंधे पर चल रहा था और वो अपनी आँखें बंद करके मालिश का मज़ा ले रही थी.. उन्होंने पूछा- जगन, क्या तुमने सही में आज तक किसी लड़की को नही छुआ? मैंने कहा- नहीं मैडम, कल तक ! और वो मुस्कुराने लगी.. बस फिर क्या था, मैं हिम्मत करके अपने हाथ उनके बूब्स के पास ले जाने लगा। उन्होंने कुछ नहीं कहा तो मैंने धीरे से अपने दोनों हाथों से उनके उरोज पकड़ लिए। अब वो आहें भरने लगी थी.. उन्होंने मुझे अचानक से रोकते हुए कहा- यह सही नहीं है जगन ! मैंने कहा- सॉरी मैडम ! उन्होंने कहा- यह तुमने बिल्कुल ठीक नहीं किया है.. अगर किसी को पता चला तो.. और तुम तो मेरे स्टुडेंट हो ! मैंने कहा- मैडम, मैं स्टुडेंट था, अब नहीं हूँ, और किसी को पता कैसे चलेगा जब हम और आप बताएँगे नहीं तो? मैं किसी को बता कर अपने पैर पर कुल्हाड़ी थोड़ी न मारूँगा.. इतने ममें ही उन्होंने अपना आपा खो दिया और मुझे बेतहाशा चूमने लगी, मुझे लगा कि मैं सपना देख रहा हूँ..

इससे पहले मैं कुछ करता, उन्होंने अपने सारे कपड़े उतार कर फेंक दिए और मेरे भी उतार दिए… मेरा लंड देख कर उन्होंने कहा- आज सालों बाद मेरी प्यास बुझेगी जगन.. मैंने कहा- मैडम.. ! उन्होंने बीच में रोकते हुए कहा- मैडम नहींज मेरी जान, सुनैना कहो और तुम्हें अपना पहला सेक्स मेरे साथ ही करना है.. यह कह कर उन्होंने मेरा लंड मुँह में ले लिया.. मैं हाँ कहने के अलावा और कहता क्या ! वैसे भी आज तो सपने पूरे हो रहे थे… तभी मैंने उनके बाल जोर से पकड़े और उन्हें अपनी तरफ खींचा उनको चूमते हुए उनके चूचे दबाये… फिर उनके जब मैंने निप्पल चूसे तो वो आह आह के अलावा कुछ नही बोल रही थी। उन्होंने मेरा सर अपनी गीली चूत की तरफ़ धकेला, मैंने अपनी जीभ से उसे चाटना चालू किया… उनकी चूत गीली थी.. मैंने जैसे ही अपनी जीभ उनकी चूत में डाली उनकी फ़िर आह निकल पड़ी.. उन्होंने मुझसे कहा- जगन बस कर ! आप यह कहानी मस्ताराम.नेट पर पढ़ रहे है | जान लेगा क्या? अब नहीं रहा जा रहा है ! मेरी चूत तेरे लंड की प्यासी है, प्लीज़ डाल ना ! जान लेगा क्या अपनी सुनैना की .. मैंने अपना लंड उनकी चूत पर रखा और करीब बी मिनट तक उनको छोड़ने के बाद मैं झड़ गया.. करीब आधे घंटे बाद हमने फिर सेक्स किया… उसके बाद मैं रोज़ ही अपनी सुनैना मैडम को चोदने लगा… मैंने खूब मजे किये मैडम के साथ दोस्तों अब अपनी आपबीती यही पर समाप्त करता हूँ आशा करता हूँ आप लोग एन्जॉय किये होगे |